Monday, September 28, 2015

यमुना जी कर रही पुकार 

यमुना जी कर रही पुकार
मुझ पर भी अब करो विचार


मेरा जल है कृष्ण की लीला
का आधार
किया है मैने मानव जाति की
कई पीढ़ियों का उद्धार




यमुना का जल हमसे कहता है
आने वाला पल हमसे कहता है



कान्हा की प्यारी यमुना
विकास की कहानी यमुना



यमुना तट पर दिल्ली
मथुरावासी देखो
बलुआघाट प्रयाग में
बसे हुये सन्यासी देखो



दिल्ली की प्यास बुझाती है
मथुरा में प्रेम बढ़ाती है
कौशांबी से चलकर के
बलुआ घाट प्रयाग की
चमक बढ़ाती है


प्रीत योग का सार है
यमुना का जल प्रेम का आधार है



यमुना का सुन्दर नीला जल
कहता है हमसे हर पल


लाभ में अन्धे मत हो जाओं
कुछ अपना तुम कर्तत्य
निभाओ
सींचा है मैने तेरे जीवन को
मेरा तुम अस्तित्व बचाओ

Monday, September 7, 2015

कोई लोकपाल चिल्लाता है 

कोई लोकपाल चिल्लाता है
कोई आरक्षण की अलख जगाता है,
आम आदमी जी रहा है कष्टों में
कोई इनकी पीड़ा और बढ़ाता है,

गुजरात में आग लगाई है
लगता है तेरी आंखे भी ललचाई है,
अमृत की चाहत में तुमने
विष की लता फैलाई है,

बहुत जल चुका देश मेरा
अब और नहीं जलने दूँगा,
जल रहा है दीप राष्ट्र गौरव का
इसे नहीं बूझने दूँगा,

देश मेरा स्वर्ग बने न बने
नर्क नही बनने दूँगा
प्रेम का दीप जले न जले
नफरत का दीप नही जलने दूँगा
राम का राज बसे न बसे
लंका को नही बसने दूँगा