मैं एक चातक जैसा हूं
Monday, December 16, 2019
चंद्र- निशा का बंधन ऐसा
चंद्र- निशा का बंधन ऐसा
श्वेत- स्याह का चुंबन जैसा
प्रणय मिलन से शीत है ऐसी
आलिंगन से उष्मा जैसी
डूब गए वो एक दूजे में
जैसे भाव- भक्ति पूजा में
लिये मधुरता मन - भावों में
विषय बन गये वन गावों में
विकास पाण्डेय
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