Monday, July 29, 2019

मेरा साहित्यिक जीवन

मेरे साहित्यिक जीवन का प्रारम्भ वर्ष 2003- 04 के लगभग हुआ था जब मैं पहली बार जिला बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन को सुनने गया था जिसमें मुझे यश शेष कैलाश गौतम जी एवं श्री कमलेश द्विवेदी जैसे श्रेष्ठ कवियों को सुनने का अवसर प्राप्त हुआ था।



 इसके बाद मेरी रुचि साहित्यिक कार्यक्रमों में बढती गयी और साहित्यिक कार्यक्रम टी. वी. पर देखने लगा।

वर्ष 2005- 06 के लगभग मैंनें अपनी पहली कविता लिखी थी। वर्ष 2006 में विधि स्नातक करते समय मैंनें कई कवितायें लिखी और इसी समय मेरे जीवन का पहला मंच मुझे प्राप्त हुआ जिसमें मेरे साथ आदरणीय कविगण के रुप में श्री यश मालवीय जी, श्री श्लेश गौतम जी एवं श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव "मधुर" जी थे और एक टी. वी. कार्यक्रम में भी मुझे कविता सुनाने का अवसर प्राप्त हुआ। इन सभी कार्यक्रमों तक मुझे ले जाने वाले आधार स्तम्भ श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव "मधुर" जी थे।

मेरा जीवन

माघ मास, नवमी, कृष्ण पक्ष का साथ मिला
दो हजार पैंतीस विक्रम संवत का हुआ राज।
जब विचरण करती स्वाति आयी नक्षत्रलोक
चातक जातक बनकर निरखी हुआ विराज।।

सिकन्दर भी जहा रोया, मैं वो भारत की माटी हूँ,

सिकन्दर भी जहा रोया, मैं वो भारत की माटी हूँ,
जहा विचलित हुआ ग़ोरी, मैं वो वीरो की घाटी हूँ,
चटा दे धूल दुश्मन को, मैं वो भारत की थाती हूँ,
लिखा है प्रेम तलवारों पर, मैं वो वीरो की पाती हूँ,

-विकास पाण्डेय

Friday, July 26, 2019

मैं एक चातक जैसा हूं

मैं एक चातक जैसा हूं
मत पूछो कि मैं कैसा हूं
सावन भादों जमकर बरसे
पर पानी को चातक तरसे





स्वाति की बूंदों के कर्षण में
जंगल उपवन में वो भटके
मेघों की बरसात में जैसे
खाली पड़े घाट घट मटके





प्यासा जीवन प्यासा तन मन
घूमें लेकर वन उपवन
प्यू कहां प्यू कहां शोर मचाए
पानी मगर कहीं ना पाए






चातक की चाह को मेघों ने
स्वाति से आज विनय की है
जैसे प्रेम पथिक को प्रिय से
अपनी आस प्रणय की है।




विकास पाण्डेय

वो मेरी जिंदगी में आने को बेकरार है,

वो मेरी जिंदगी में आने को बेकरार है,
इसे कहूं दिवाली या रंगों का त्योहार है।
मेरी अदा पसंद है इस कदर उनको,
दिन को भी रात कहने को तैयार है।


गर हो उनकी अदालत में मुकदमा मेरा,
मेरी झूठी दलीलें भी उन्हें स्वीकार हैं।
क्या इसको कह दूं मैं उनका समर्पण,
या मुझमें बसा उनका कोई संसार हैै।





विकास पाण्डेय