सिकन्दर भी जहा रोया, मैं वो भारत की माटी हूँ,
जहा विचलित हुआ ग़ोरी, मैं वो वीरो की घाटी हूँ,
चटा दे धूल दुश्मन को, मैं वो भारत की थाती हूँ,
लिखा है प्रेम तलवारों पर, मैं वो वीरो की पाती हूँ,
-विकास पाण्डेय
जहा विचलित हुआ ग़ोरी, मैं वो वीरो की घाटी हूँ,
चटा दे धूल दुश्मन को, मैं वो भारत की थाती हूँ,
लिखा है प्रेम तलवारों पर, मैं वो वीरो की पाती हूँ,
-विकास पाण्डेय
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