मैं एक चातक जैसा हूं
Thursday, February 13, 2020
फागुन की नरमी हैं
फागुन की नरमी हैं
होली की गरमी हैं
हाथों में रंग-गुलाल
बस थोडी बेशरमी हैं
विकास पाण्डेय
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)