Wednesday, March 23, 2022

मेरे बेटा- बेटी के लिए!

बसी दिलों में बस्ती है
राजकुँवर सी हस्ती है
हँस कर जग जीता तूने
जग में तेरी मस्ती है


- विकास पाण्डेय