संगीत का साज हो
रणभेरी की आवाज हो,
बादलों का राज हो
प्रेम का आगाज हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
रणभेरी की आवाज हो,
बादलों का राज हो
प्रेम का आगाज हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
पुष्प की खिलन हो,
प्रेमियों का मिलन हो,
शत्रुओं की जलन हो,
समाज का चलन हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
सागर की लहर हो,
समय का प्रहर हो,
चक्रवात का कहर हो,
नदी या नहर हो,
सभी में हैं.ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
उपवन के फूल हो,
भूमि की धूल हो,
नागफनी के शूल हो,
शिखर या मूल हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
पुष्प की खिलन हो,
प्रेमियों का मिलन हो,
शत्रुओं की जलन हो,
समाज का चलन हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
सागर की लहर हो,
समय का प्रहर हो,
चक्रवात का कहर हो,
नदी या नहर हो,
सभी में हैं.ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
उपवन के फूल हो,
भूमि की धूल हो,
नागफनी के शूल हो,
शिखर या मूल हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
रत्नों की चमक हो,
स्वर्ण की खनक हो,
सूर्य की रमक हो,
विद्युत की दमक हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
पानी में नाँव हो,
पेड़ों की छाँव हो,
नगरों से दूर गाँव हो,
कौवे की काँव-काँव हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
Vikash Pandey
Kanpur
रत्नों की चमक हो,
स्वर्ण की खनक हो,
सूर्य की रमक हो,
विद्युत की दमक हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
पानी में नाँव हो,
पेड़ों की छाँव हो,
नगरों से दूर गाँव हो,
कौवे की काँव-काँव हो,
सभी में हैं ईश्वर की छाया,
सभी ने हैं परम तत्व को पाया,
Vikash Pandey
Kanpur