Saturday, July 11, 2015

ये माना  कि  धरा पर हम  राज करते नहीं, 

ये माना  कि
धरा पर हम
राज करते नहीं,
ऐसा नहीं की
हम किसी के
ह्रदय में
बसते नहीं,
कुछ ह्रदय के  
राज्य है हमारे लिये
राज वहाँ शासकों के
चलते नहीं,




सिंहासन मिट जायेगे,
मुकुट गिर जायेगे,
राज धरा का भी
एक दिन मिट जायेगा,






शासक ह्रदय के
कभी भी है
मरते नहीं,
राज अपना
नष्ट होने से
डरते नहीं,







यश हमारा ये
किवदंतियाँ
सुनाती रहेगी,
गाथा हमारी
सभी को
बताती रहेगी,



ये धन ये वैभव
सब मिट जायेगा,
नाम राजाओं के
कोई न दुहरायेगा,
भूल जायेंगे लोग
द्वारिकाधीश को
ग्वाला कृष्ण ही
जग में पूजा जायेगा,


Vikash Pandey

Kanpur

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