कुछ चिड़िया हमें देख
चहचहाने लगी,
उपवन में है कोई
हस-हस के
सबको बताने लगी,
ये पंक्षी बहुत बदनाम है
जा जा कर
हर शाख पर
मेरे किस्से सभी को
सुनाने लगी,
कलियां हसने लगी
भांवरे हसने लगे,
पुष्प खिलने लगे
पत्ते हिलने लगे,
जिसने देखा मुझे
जिसने जाना मुझे
वो प्रेम, श्रद्धा से
झुकने लगे,
Vikash Pandey
Kanpur
चहचहाने लगी,
उपवन में है कोई
हस-हस के
सबको बताने लगी,
ये पंक्षी बहुत बदनाम है
जा जा कर
हर शाख पर
मेरे किस्से सभी को
सुनाने लगी,
कलियां हसने लगी
भांवरे हसने लगे,
पुष्प खिलने लगे
पत्ते हिलने लगे,
जिसने देखा मुझे
जिसने जाना मुझे
वो प्रेम, श्रद्धा से
झुकने लगे,
Vikash Pandey
Kanpur
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