Sunday, July 19, 2020

अमर शहीद मंगल पाण्डेय जी को उनकी जयंती के अवसर पर इन शब्दों के साथ स्मरण

1857 की क्रान्ति के अग्रदूत एवं महानायक अमर शहीद मंगल पाण्डेय जी को उनकी जयंती के अवसर पर इन शब्दों के साथ स्मरण करते हैं-


मुक्त धरा है मुक्त गगन है
मुक्त है अपना दाना पानी
अंत हुआ गोरों का शासन
बन्द हुआ है कालापानी
नहीं रहा अब मनमानापन
भाग गये हैं अभिमानी
खुलकर उड़ते आज परिंदे
टूट गए हैं जाल ब्रितानी।

किया जिन्होंने जीवन अर्पित
उनको हैं ये शब्द समर्पित

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