मैं एक चातक जैसा हूं
Saturday, June 20, 2020
मौन परिग्रहण भावों का है
मौन परिग्रहण भावों का है,
सम्बन्ध सागर नावों सा है,
उर बसे हुये है प्रणय समर्पण
अंश न रंच दिखावों का है,
- विकास पाण्डेय
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment