मैं एक चातक जैसा हूं
Saturday, July 14, 2018
मेरी हदें हैं कि सागर की वो लहरें
जिनका कोई किनारा नहीं हैं॥
विकास पाण्डेय
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment