मन्द शीतल सुगन्धित पवन आज है।
दिल में तेरे छिपे कुछ मेरे राज है।।
लाख जतनों के बाद भी जहां सुन न पाया।
आ रही तेरे दिल की वो आवाज हैं।
तेरी आँखों में हैं कुछ राज गहरे।
तेरी हसरतों पर हैं जमाने के पहरे॥
दिल में तेरे छिपे कुछ मेरे राज है।।
लाख जतनों के बाद भी जहां सुन न पाया।
आ रही तेरे दिल की वो आवाज हैं।
तेरी आँखों में हैं कुछ राज गहरे।
तेरी हसरतों पर हैं जमाने के पहरे॥
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