मैं एक चातक जैसा हूं
Sunday, August 7, 2022
मुक्तक- रिश्तों को अपनेपन की धार दीजिए
रिश्तों को अपनेपन की धार दीजिए
न कि आदर सम्बन्धों को तार दीजिए
जिन्दगी में अखाड़े मिलेंगे बहुत से
रिश्तों को रिश्तों का सा प्यार दीजिए
विकास कुमार पाण्डेय "जलज"
नौबस्ता, कानपुर
मो. न. 8004486284
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