मैं एक चातक जैसा हूं
Sunday, August 28, 2022
मुक्तक- द्वारे ईडी सीबीआई
द्वारे ईडी सीबीआई,
चीख निकल तेरी क्यों आई,
कर्म किए ऐसे क्या तुमने,
जनता से क्या बात छुपाई,
विकास कुमार पाण्डेय "जलज"
नौबस्ता कानपुर
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