मैं एक चातक जैसा हूं
Saturday, January 25, 2020
आज गणतंत्र है
मुक्त अब तंत्र है
देश भी स्वतंत्र है
झूमों प्रसन्न हो
आज गणतंत्र है
प्रेम ही यंत्र है
दूर षड्यन्त्र है
रंग तीन तिरंगे
राष्ट्र के मंत्र है
विकास पाण्डेय
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