Tuesday, January 28, 2020

मुक्तक:- बसन्त रंग धरती, बसन्त रंग व्योम

बसन्त रंग धरती, बसन्त रंग व्योम,
बसन्त का खुमार, ऐसा जैसे रस सोम,
बसन्त से चपलता, बसन्त से तीखे नयन,
बसन्त करे पुलकित, सबका रोम - रोम,



विकास पाण्डेय

No comments:

Post a Comment