Friday, January 3, 2020

जीवन में मेरे कविता देखो

जीवन में मेरे कविता देखो
भोज पत्र पर सरिता देखो
स्थूल धरा पर रह कर जग में
सूर्य चन्द्र तक उड़ता देखो

अश्व कल्पना के संग लेकर
व्योम के पंख पकड़ता देखो
पात्र हुये प्रिय निकट जो मेरे
मिलती उन्हें अमरता देखो


विकास पाण्डेय

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