Friday, June 19, 2015

वह कुमुदिनी का पुष्प हमें, जग में सबसे प्यारा हैं।

लेकर के सौन्दर्य चन्द्र का
एक पुष्प खिला हैं रातों में,
जिसकी सुगन्ध से महक रहे हैं,
वन, उपवन बरसातों में,




चन्द्र की चंचल किरणों ने,
जिसका सौन्दर्य संवारा हैं,
निशा ने जिस पर,
अपनी अंगड़ाई को वारा हैं,





वह कुमुदिनी का पुष्प हमें,
जग में सबसे प्यारा हैं।
Vikash Pandey
Kanpur

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